20 घंटे लापता रहने के बाद हाइवे पर मिले हार्दिक पटेल



अहमदाबाद। पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल करीब 20 घंटे लापता रहने के बाद बुधवार दोपहर को ध्रांगध्रा हाइवे पर पाए गए। हार्दिक ने पुलिस पर रातभर खुद को कार में अपहृत करके रखने का आरोप लगाया है।

हालांकि, गुजरात के गृह राज्य मंत्री रजनीकांत पटेल ने हार्दिक के आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि पुलिस उनको पकड़ने पहुंची थी, लेकिन वह चकमा देकर भाग गए थे। रेंज पुलिस आईजी हंसमुख पटेल ने भी हार्दिक की धरपकड़ से इन्कार किया है।

उत्तर गुजरात के बायड कस्बे में आरक्षण आंदोलन में शहीद हुए पाटीदार किसानों को श्रद्धांजलि देने के बाद से हार्दिक लापता थे। सरकारी अधिसूचना के उल्लंघन के आरोप में पुलिस उन्हें हर हाल में गिरफ्तार करना चाहती थी।

समारोह स्थल से पांच किमी दूर पुलिस और पाटीदारों की भागमभाग में वह लापता हो गए। करीब 20 घंटे लापता रहने के बाद हार्दिक ने खुद के ध्रांगध्रा हाइवे पर होने की बात कही है। उनका आरोप है कि रातभर पुलिस ने उन्हें अपनी कार में अपहृत करके रखा और सुबह हाइवे पर छोड़ दिया।

आधी रात में हाई कोर्ट ने दिया खोजने का आदेश

हार्दिक के वकील बीएम मांगुकिया ने मंगलवार की आधी रात को हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की। इस पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश एमआर शाह ने गुजरात पुलिस को हार्दिक की तलाश कर गुरुवार सुबह 11 बजे तक अदालत के समक्ष पेश करने का आदेश दिया। गुजरात के इतिहास में यह पहली घटना थी, जिसमें रात को दो बजे हाई कोर्ट ने किसी नागरिक की सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार को तलब किया।

मांगुकिया ने बताया कि सरकार व पुलिस से हार्दिक को लगातार आंदोलन से हटने के लिए धमकी मिल रही थी। इस पर अदालत ने कहा कि हर नागरिक की सुरक्षा का ध्यान रखना सरकार और पुलिस की जिम्मेदारी है। इस बीच, भाजपा नेता जेजे पटेल ने आरोप लगाया कि मांगुकिया कांग्रेस लीगल सेल के प्रमुख हैं। इस घटना से आंदोलन को कांग्रेस के समर्थन का खुलासा हो गया है।